किसानों एवं ग्रामोद्योग हेतु आयोजित कार्यशालाएं:
ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से, हमारे गुरुकुल द्वारा समय-समय पर किसानों एवं ग्रामोद्योग से संबंधित कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है। इन कार्यशालाओं में किसानों और ग्रामीणों को आधुनिक तकनीकों, बेहतर उत्पादन के तरीकों और आय बढ़ाने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी जाती है।
इस विशेष कार्यक्रम में, जो 15 मार्च, 2026 को आयोजित हुआ, रूरल हब के संस्थापक (गौरव गुप्ता जी) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने अनुभव और ज्ञान के माध्यम से उपस्थित लोगों को कृषि में नवाचार, कम लागत में अधिक उत्पादन तथा ग्रामोद्योग के नए अवसरों के बारे में मार्गदर्शन दिया।
कार्यशाला की प्रमुख विशेषताएँ:
उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती के तरीके
कम निवेश में अधिक लाभ के उपाय
ग्रामोद्योग एवं स्वरोजगार के नए आयाम
स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग
किसानों और ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा
यह कार्यशालाएं केवल जानकारी नहीं देतीं,
बल्कि नई सोच, नए अवसर और नई दिशा प्रदान करती हैं।
हमारा विश्वास
“सशक्त किसान और स्वावलंबी गाँव ही समृद्ध राष्ट्र की नींव हैं।”
परियोजना की जानकारी
प्रोजेक्ट गैलरी