सांस्कृतिक कार्यक्रम : रामस्मरणम
चैत्र माह के पावन अवसर पर ‘रामस्मरणम्’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के
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छात्रों में ज्ञान, चरित्र और आत्मनिर्भरता का संतुलित विकास करना।
परंपरागत मूल्यों के माध्यम से एक सशक्त और जागरूक समाज का निर्माण करना।
राष्ट्रोत्थान गुरुकुलम, धर्म और राष्ट्र को समर्पित
आज आपका सहयोग कल किसी के भविष्य का निर्माण करेगा।
भारतीय समाज के मूल में धार्मिकता है, और धर्म की जीवंत रूप है समाज का प्रत्येक व्यक्ति। भारतीय समाज इस प्रकार से था कि प्रत्येक व्यक्ति को उसके कर्तव्य दायित्व भलीभांति ज्ञात थे, और वह उनके निर्वहन में ईश्वर को परम सत्ता को साक्षी मान उदात्त आचरण करता था। यह भाव गुरुकुल शिक्षण से ही निर्मित होता था। अतः हमारे समस्त कार्यों के मूल में गुरुकुल।
राष्ट्रोत्थान गुरुकुलम्, जो धर्म और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित है, उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद के बांगरमऊ में शांत और पवित्र सई नदी के तट पर स्थित है। इसका संचालन एवं संरक्षण राष्ट्रोत्थान धर्मार्थ न्यास द्वारा किया जाता है। गुरुकुलम् ने अपनी शैक्षणिक यात्रा वर्ष 2023–2024 में मात्र 11 प्राथमिक स्तर के छात्रों के साथ आरंभ की, यद्यपि इसकी परिकल्पना और योजना कई वर्षों से चल रही थी। इसकी स्थापना का उद्देश्य क्षेत्र में पारंपरिक गुरुकुल शिक्षा के अभाव को दूर करना तथा स्थानीय समाज में सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का संवर्धन करना है। इसके संस्थापक श्री राजेंद्र तिवारी एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मीनू तिवारी राष्ट्रसेवा के प्रति गहन समर्पण रखते हैं। राजेंद्र जी एक आध्यात्मिक प्रवृत्ति के व्यक्तित्व हैं, जिनका जीवन समाज के उत्थान और भारत की सुदृढ़ता के लिए समर्पित है। दोनों का साझा दृष्टिकोण राष्ट्र-निर्माण में सार्थक योगदान देना है। इस संकल्प को सुव्यवस्थित और क्रियान्वित रूप देने हेतु आचार्य योगेश निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। वे गुरुकुल शिक्षा पद्धति में पारंगत हैं तथा भारतीय ज्ञान परंपरा का गहन ज्ञान रखते हैं। वे शिक्षा को धर्म से जोड़ते हुए एक समग्र एवं मूल्यपरक गुरुकुल प्रणाली विकसित करने के लिए पूर्णतः समर्पित हैं। आधुनिक विषय जैसे गणित, अंग्रेजी एवं विज्ञान का शिक्षण शुभम जी द्वारा किया जाता है, जो शैक्षणिक व्यवस्था के साथ-साथ अन्य संस्थागत व्यवस्थाओं का भी संचालन करते हैं। वैदिक शिक्षा के लिए आचार्य श्री देवेश जी नियुक्त हैं। वे छात्रों को गीता, पुराणों एवं अन्य धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान प्रदान करते हैं और उन्हें समस्त शास्त्रों की व्यापक समझ विकसित करने के लिए प्रेरित करते हैं। शारीरिक प्रशिक्षण, मार्शल आर्ट्स एवं पारंपरिक युद्ध कौशल का शिक्षण सिद्धांत जी द्वारा दिया जाता है। वे अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं और छात्रों में शक्ति, अनुशासन तथा आत्मविश्वास का विकास करने के लिए समर्पित हैं। अपने सभी सदस्यों के समर्पण, अनुशासन और सामूहिक सहयोग से राष्ट्रोत्थान गुरुकुलम् निरंतर प्रगति और उत्कृष्टता के पथ पर अग्रसर है।
राष्ट्रोत्थान गुरुकुलम
सनातन गृहणी
मंदिर
गांव
विद्यालय
छात्र
कार्यशालाएं माताओं के साथ
कार्यशालाएं छात्रों के साथ
चैत्र माह के पावन अवसर पर ‘रामस्मरणम्’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के
और पढ़ें →यह यात्रा तो जैसे चलते-फिरते दीपों की श्रृंखला है…हर गाँव में एक नई रोशनी जलाती हुई। इसके माध्यम से हम 108 गाँवों की यात्रा कर समाज में
और पढ़ें →हमारा लोक संस्कार उत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं की जीवंत अनुभूति है— जहाँ धर्म, रीति-रिवाज और
और पढ़ें →ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से, हमारे गुरुकुल द्वारा समय-समय पर किसानों एवं ग्रामोद्योग
और पढ़ें →हमारे गुरुकुल में शिक्षा केवल ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि सुरक्षा, आत्मविश्वास और साहस का भी निर्माण करती है।
और पढ़ें →राष्ट्रोत्थान गुरुकुलम के अंतर्गत यज्ञशाला, संस्कारशाला, पुस्तकालय, हनुमत अखाड़ा, गौशाला आदि अनेक कल्याणकारी परियोजनाएँ हैं।