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गुरुकुल के छात्रगण

ग्राम भ्रमण पर शिष्यों साथ आचार्य

शिष्यों के साथ परिचर्चा करते आचार्य

आत्मरक्षा हेतु प्रशिक्षण

प्रकृति से शिक्षण

लोक संस्कार उत्सव

शिष्यों के साथ आचार्य

किसान हित एवं ग्रामोद्योग हेतु कार्यशाला

वेद पाठ करते छात्र

परिचर्चा करते शिष्य

शिक्षकों एवं परिजनों के साथ छात्र

गुरुकुल के मुख्य द्वार पर छात्र

पारंपरिक शस्त्र अभ्यास करता छात्र

प्रकृति के मध्य जीवनोपयोगी शिक्षा ग्रहण करते छात्र

What we do

हम क्या करते हैं

छात्रों में ज्ञान, चरित्र और आत्मनिर्भरता का संतुलित विकास करना।

How we serve

हम कैसे सेवा प्रदान करते हैं

परंपरागत मूल्यों के माध्यम से एक सशक्त और जागरूक समाज का निर्माण करना।

Journey so for

यात्रा अबतक

राष्ट्रोत्थान गुरुकुलम, धर्म और राष्ट्र को समर्पित

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हमें प्रोत्साहन दें

आज आपका सहयोग कल किसी के भविष्य का निर्माण करेगा।

स्वागत संदेश

भारतीय समाज के मूल में धार्मिकता है, और धर्म की जीवंत रूप है समाज का प्रत्येक व्यक्ति। भारतीय समाज इस प्रकार से था कि प्रत्येक व्यक्ति को उसके कर्तव्य दायित्व भलीभांति ज्ञात थे, और वह उनके निर्वहन में ईश्वर को परम सत्ता को साक्षी मान उदात्त आचरण करता था। यह भाव गुरुकुल शिक्षण से ही निर्मित होता था। अतः हमारे समस्त कार्यों के मूल में गुरुकुल।

— आचार्य योगेश

Rashtrotthan Gurukulam
हमारे बारे में

राष्ट्रोत्थान गुरुकुलम् परिचय

राष्ट्रोत्थान गुरुकुलम्, जो धर्म और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित है, उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद के बांगरमऊ में शांत और पवित्र सई नदी के तट पर स्थित है। इसका संचालन एवं संरक्षण राष्ट्रोत्थान धर्मार्थ न्यास द्वारा किया जाता है। गुरुकुलम् ने अपनी शैक्षणिक यात्रा वर्ष 2023–2024 में मात्र 11 प्राथमिक स्तर के छात्रों के साथ आरंभ की, यद्यपि इसकी परिकल्पना और योजना कई वर्षों से चल रही थी। इसकी स्थापना का उद्देश्य क्षेत्र में पारंपरिक गुरुकुल शिक्षा के अभाव को दूर करना तथा स्थानीय समाज में सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का संवर्धन करना है। इसके संस्थापक श्री राजेंद्र तिवारी एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मीनू तिवारी राष्ट्रसेवा के प्रति गहन समर्पण रखते हैं। राजेंद्र जी एक आध्यात्मिक प्रवृत्ति के व्यक्तित्व हैं, जिनका जीवन समाज के उत्थान और भारत की सुदृढ़ता के लिए समर्पित है। दोनों का साझा दृष्टिकोण राष्ट्र-निर्माण में सार्थक योगदान देना है। इस संकल्प को सुव्यवस्थित और क्रियान्वित रूप देने हेतु आचार्य योगेश निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। वे गुरुकुल शिक्षा पद्धति में पारंगत हैं तथा भारतीय ज्ञान परंपरा का गहन ज्ञान रखते हैं। वे शिक्षा को धर्म से जोड़ते हुए एक समग्र एवं मूल्यपरक गुरुकुल प्रणाली विकसित करने के लिए पूर्णतः समर्पित हैं। आधुनिक विषय जैसे गणित, अंग्रेजी एवं विज्ञान का शिक्षण शुभम जी द्वारा किया जाता है, जो शैक्षणिक व्यवस्था के साथ-साथ अन्य संस्थागत व्यवस्थाओं का भी संचालन करते हैं। वैदिक शिक्षा के लिए आचार्य श्री देवेश जी नियुक्त हैं। वे छात्रों को गीता, पुराणों एवं अन्य धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान प्रदान करते हैं और उन्हें समस्त शास्त्रों की व्यापक समझ विकसित करने के लिए प्रेरित करते हैं। शारीरिक प्रशिक्षण, मार्शल आर्ट्स एवं पारंपरिक युद्ध कौशल का शिक्षण सिद्धांत जी द्वारा दिया जाता है। वे अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं और छात्रों में शक्ति, अनुशासन तथा आत्मविश्वास का विकास करने के लिए समर्पित हैं। अपने सभी सदस्यों के समर्पण, अनुशासन और सामूहिक सहयोग से राष्ट्रोत्थान गुरुकुलम् निरंतर प्रगति और उत्कृष्टता के पथ पर अग्रसर है।

राष्ट्रोत्थान गुरुकुलम

108 गाँव 1 गुरुकुल के अंतर्गत।

आगामी परियोजनाएँ

0

सनातन गृहणी

0

मंदिर

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गांव

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विद्यालय

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छात्र

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कार्यशालाएं माताओं के साथ

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कार्यशालाएं छात्रों के साथ

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कार्यक्रम और मीडिया

सांस्कृतिक कार्यक्रम : रामस्मरणम

चैत्र माह के पावन अवसर पर ‘रामस्मरणम्’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के

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लोकमंगल यात्रा

यह यात्रा तो जैसे चलते-फिरते दीपों की श्रृंखला है…हर गाँव में एक नई रोशनी जलाती हुई। इसके माध्यम से हम 108 गाँवों की यात्रा कर समाज में

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लोक संस्कार उत्सव

हमारा लोक संस्कार उत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं की जीवंत अनुभूति है— जहाँ धर्म, रीति-रिवाज और

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किसानों एवं ग्रामोद्योग हेतु आयोजित कार्यशालाएं

ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से, हमारे गुरुकुल द्वारा समय-समय पर किसानों एवं ग्रामोद्योग

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बालकों के आत्मरक्षा हेतु कक्षाओं एवं कार्यशालाओं का आयोजन:

हमारे गुरुकुल में शिक्षा केवल ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि सुरक्षा, आत्मविश्वास और साहस का भी निर्माण करती है।

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परियोजना

समाज एवं
राष्ट्र के
कल्याण
हेतु

शिक्षा / प्रशिक्षण
शिक्षा / प्रशिक्षण

पारंपरिक शिक्षा के साथ साथ आधुनिक शिक्षा हेतु कक्षाएं आयोजित।

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	संस्कार कार्यक्रम
संस्कार कार्यक्रम

मासिक शिवरात्रि पर लोक संस्कार उत्सव का आयोजन

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Blood Centre
सामाजिक कार्य

ग्रामीण किसानों हेतु कार्यशाला

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शिक्षा / प्रशिक्षण
शिक्षा / प्रशिक्षण

पारंपरिक शिक्षा के साथ साथ आधुनिक शिक्षा हेतु कक्षाएं आयोजित।

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	संस्कार कार्यक्रम
संस्कार कार्यक्रम

मासिक शिवरात्रि पर लोक संस्कार उत्सव का आयोजन

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Blood Centre
सामाजिक कार्य

ग्रामीण किसानों हेतु कार्यशाला

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राष्ट्रोत्थान गुरुकुलम में उपलब्ध सुविधाएं

राष्ट्रोत्थान गुरुकुलम के अंतर्गत यज्ञशाला, संस्कारशाला, पुस्तकालय, हनुमत अखाड़ा, गौशाला आदि अनेक कल्याणकारी परियोजनाएँ हैं।

Yagyashala
यज्ञशाला
Library
वैदिक पुस्तकालय
Akhaara
संस्कारशाला
Cowshed
गौशाला

हमारी विशेषताएँ

पारंपरिक + आधुनिक दृष्टिकोण।
अनुशासन प्रणाली।
कृषि एवं ऋषि परम्परा का सामंजस्य।
वैश्विक दृष्टि के साथ शिक्षण ।
प्रत्येक बालक की योग्यता विकसित कर, स्वतंत्र व्यक्तित्व निर्माण ।
बालक को मात्र विषय नहीं, व्यवहार एवं समाज पर पर्याप्त कार्य अनुभव देना।
बालक को बहुआयामी बनाना।
भविष्य के लिए तैयार शिक्षा
शाश्वत और विकसित होती शिक्षा
शारीरिक, सामाजिक, बौद्धिक, भावनात्मक, रचनात्मक, मुखर, नवोन्मेषी, नेतृत्व, सामुदायिक निर्माण
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