राष्ट्रोत्त्थान का मुख्य उद्देश्य

सामर्थ्यवान एवं संगठित समाज की स्थापना

🏛️

व्यक्ति के सर्वांगीण विकास हेतु चरित्र मूल में होता है जबकि आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में यह पक्ष लगभग उपेक्षित है। अतः ऐसे चरित्रवान बालकों के निर्माण हेतु, जो सांसारिक यात्रा के साथ, अंतःकरण की यात्रा भी सफलतापूर्वक पूर्ण करें, गुरुकुल की स्थापना।

राष्ट्रोत्त्थान के प्रमुख उद्देश्य

सामर्थ्यवान एवं संगठित समाज की स्थापना

🌐

भारत एवं विश्व में सभी राष्ट्रवादियों और सनातनी देवियों, महात्माओं और संगठनों को एक सूत्र में जोड़ना।

01
📈

भारत के सामाजिक, आर्थिक, वैचारिक, शैक्षणिक व आध्यात्मिक विकास हेतु कार्य करना।

02
🧒

भारत के बच्चों और युवा पीढ़ी के सर्वांगीण विकास हेतु कार्यक्रम चलाना।

03
🇮🇳

सभी भारतवंशियों में राष्ट्र और सनातन धर्म के प्रति कर्तव्य बोध की जागृति

04
🚩

गुरुकुल व्यवस्था के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देना।

05
Footer Rashtrotthan Gurukulam